Menu
Log in


Log in


अनमोल उपहार

28 Feb 2022 2:47 PM | Anonymous

अनमोल उपहार 

 अद्रिका सिंह

Adrika Singh, Grade 8 Shrewsbury & ISW Hindi 4 student

  

          अजय आठवीं कक्षा का विद्यार्थी था और बहुत मेहनती लड़का था। वह अपने जन्मदिन को लेकर बहुत उत्साहित रहता था और उसका अधीरता से प्रतीक्षा करता था क्योंकि हर बच्चे की तरह यह उसके लिए एक विशेष दिन होता था। 

कल अजय का जन्मदिन था। वह प्रसन्नता से खिल रहा था। उसने अपने सभी दोस्तों, सहपाठियों, और रिश्तेदारों को आमंत्रित किया था। अजय के जन्मदिन पर उसके चाचा और चाची उसके घर उपहार ले कर आए और साथ ही साथ उसे आशीर्वाद भी दिए। शाम से ही अतिथियों का आना-जाना लगा हुआ था। भोजन, मधुर संगीत, और खेलों का बहुत अच्छा प्रबंध हुआ था और सब इनका आनंद ले रहे थे। अजय के साथ सब ने उसका जन्मदिन बहुत धूमधाम के साथ मनाया। फिर सब अतिथियों ने अजय और उसके परिवार से विदा ली और वे अपने घर को चले गए। 

  मेहमानों के जाने के बाद अजय बड़े उत्साह के साथ अपने उपहार खोलने लगा। उसे नए कपड़े, खिलौने और चमचमाती घड़ी जैसी चीज़े मिली। एक-एक करके उसने अपने सारे उपहार खोले और उसी के बीच उसने देखा कि एक साधारण पैकिंग में लिपटा हुआ छोटा सा उपहार था। उसे देखकर अजय को  लगा कि यह कोई सस्ता उपहार है। उसने अपनी  माँ से कहा, "मम्मी, आपको यह उपहार खोलने की ज़रूरत नहीं है, इसमें कोई मामूली सी वस्तु होगी, इसे छोड़ दो।"  माँ ने उसे समझाया कि उपहार देने वाले की आपके प्रति भावनाओं को व्यक्त करने का यह एक तरीका है और हमें इसकी कीमत नहीं देखनी चाहिए, अपितु  इसके महत्व को समझना चाहिए। इतना कहकर अजय की माँ ने उपहार खोला। उपहार में एक अद्भुत किताब के साथ में हस्तनिर्मित जन्मदिन कार्ड और छोटा पत्र भी था। पत्र में लिखा था:

" प्रिय अजय, 

   इस किताब में अपनी ताकतों और कमजोरियों को समझकर अपने लक्ष्यों को

   लिखना। कड़ी मेहनत और लगन से तुम वह सब प्राप्त कर लोगे, ऐसा मेरा विश्वास है। 

   तुम्हारा प्यारा दोस्त, 

   सक्षम।” 

यह उपहार देखकर माँ  बहुत खुश हुई। उन्होंने अजय से सक्षम के बारे में पूछा तो उसने बताया," सक्षम मेरी कक्षा का होशियार और समझदार लड़का है। मैं पहले उसका दोस्त था, लेकिन मैं अब उस से बात नहीं करता क्योंकि मैंने उस से दोस्ती तोड़ ली जब मुझे पता चला कि वह गरीब है।" इतना बोलकर अजय चुप हो गया परन्तु माँ उसकी बात सुनकर दुखी हुई। फिर माँ ने उसे प्यार से समझाया, "देखो बेटा, रोहन- जिसे तुम अपना सबसे अच्छा दोस्त मानते हो, उसने तो न्यौता देने के बाद भी तुम्हारी पार्टी में आने का नहीं सोचा। उस ने केवल नौकर के हाथों एक महँगा सा उपहार भिजवा दिया। दूसरी ओर, सक्षम ने तुम्हारा जन्मदिन याद रखा। यद्यपि तुम ने उस से दोस्ती तोड़ दी, फिर भी तुम्हें जन्मदिन की बधाई और एक खास उपहार देने के लिए वह स्वयं आया। वह चाहता तो पार्टी में आनंद लेने के लिए रुक सकता था परन्तु उस ने ऐसा नहीं किया। शालीनता से यह उपहार देकर वह चला गया क्योंकि वह तुम्हें सच्चे मन से अपना दोस्त मानता है।  बेटा, ऐसे मित्र बहुत विशेष होते हैं और हमें उनका बहुत ध्यान रखना चाहिए और उन से हमेशा मित्रता निभानी चाहिए।” 

 माँ की बात सुन कर अजय समझ गया कि मित्रता किसी की आर्थिक दशा को देखकर नहीं अपितु उसके चरित्र को देख कर करनी चाहिए और किसी उपहार या भाव से देखना चाहिए। अगले दिन वह सक्षम से कक्षा में मिला और उसे गले लगा कर अनमोल उपहार देने के लिए धन्यवाद दिया। वह खुश था कि इस जन्मदिन उसे उपहारों के साथ एक अनोखा और सच्चा  मित्र भी मिला।

A studious boy in 8th grade named Ajay, was excitedly waiting for his birthday that was coming around the corner. In the evening of his birthday, all the invited guests along with his friends and relatives came to celebrate Ajay's birthday. After the guests wished Ajay goodbye, Ajay's eagerness tempted him to open up the heap of gifts piled up in which he found a small, delicately wrapped package. As Ajay's mom reached out to open the beautiful package, Ajay told his mom to leave it because it seemed to be looking very cheap. However, realizing why Ajay might have thought that, Ajay's mom explained the true importance and meaning of gifts which lies in the heartwarming emotion the giver presents to the person he is giving the gift. After saying that, Ajay's mom found a gorgeous notebook journal and a decorative handwritten birthday in which Saksham wrote how Ajay can write his strengths and weaknesses so he can focus on his goals for a brighter future. Ajay's mom was heartfelt by the lovely message Saksham had written and delivered at their doorstep which she compared to Rohan who did not consider the invitation and just sent a gift box through his maid. Ajay's mom urges Ajay to appreciate his friendship and stay with it.

©2020 India Society of Worcester, Massachusetts - All Right Reserved. Contact Us      Privacy Policy

Powered by Wild Apricot Membership Software