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ISW SCHOOL STUDENT SHOWCASE


  • 31 May 2022 4:54 PM | Anonymous

    अनमोल उपहार 

     अद्रिका सिंह

    Adrika Singh, Grade 8 Shrewsbury & ISW Hindi 4 student

              अजय आठवीं कक्षा का विद्यार्थी था और बहुत मेहनती लड़का था। वह अपने जन्मदिन को लेकर बहुत उत्साहित रहता था और उसका अधीरता से प्रतीक्षा करता था क्योंकि हर बच्चे की तरह यह उसके लिए एक विशेष दिन होता था। 

    कल अजय का जन्मदिन था। वह प्रसन्नता से खिल रहा था। उसने अपने सभी दोस्तों, सहपाठियों, और रिश्तेदारों को आमंत्रित किया था। अजय के जन्मदिन पर उसके चाचा और चाची उसके घर उपहार ले कर आए और साथ ही साथ उसे आशीर्वाद भी दिए। शाम से ही अतिथियों का आना-जाना लगा हुआ था। भोजन, मधुर संगीत, और खेलों का बहुत अच्छा प्रबंध हुआ था और सब इनका आनंद ले रहे थे। अजय के साथ सब ने उसका जन्मदिन बहुत धूमधाम के साथ मनाया। फिर सब अतिथियों ने अजय और उसके परिवार से विदा ली और वे अपने घर को चले गए। 

      मेहमानों के जाने के बाद अजय बड़े उत्साह के साथ अपने उपहार खोलने लगा। उसे नए कपड़े, खिलौने और चमचमाती घड़ी जैसी चीज़े मिली। एक-एक करके उसने अपने सारे उपहार खोले और उसी के बीच उसने देखा कि एक साधारण पैकिंग में लिपटा हुआ छोटा सा उपहार था। उसे देखकर अजय को  लगा कि यह कोई सस्ता उपहार है। उसने अपनी  माँ से कहा, "मम्मी, आपको यह उपहार खोलने की ज़रूरत नहीं है, इसमें कोई मामूली सी वस्तु होगी, इसे छोड़ दो।"  माँ ने उसे समझाया कि उपहार देने वाले की आपके प्रति भावनाओं को व्यक्त करने का यह एक तरीका है और हमें इसकी कीमत नहीं देखनी चाहिए, अपितु  इसके महत्व को समझना चाहिए। इतना कहकर अजय की माँ ने उपहार खोला। उपहार में एक अद्भुत किताब के साथ में हस्तनिर्मित जन्मदिन कार्ड और छोटा पत्र भी था। पत्र में लिखा था:

    " प्रिय अजय, 

       इस किताब में अपनी ताकतों और कमजोरियों को समझकर अपने लक्ष्यों को

       लिखना। कड़ी मेहनत और लगन से तुम वह सब प्राप्त कर लोगे, ऐसा मेरा विश्वास है। 

       तुम्हारा प्यारा दोस्त, 

       सक्षम।” 

    यह उपहार देखकर माँ  बहुत खुश हुई। उन्होंने अजय से सक्षम के बारे में पूछा तो उसने बताया," सक्षम मेरी कक्षा का होशियार और समझदार लड़का है। मैं पहले उसका दोस्त था, लेकिन मैं अब उस से बात नहीं करता क्योंकि मैंने उस से दोस्ती तोड़ ली जब मुझे पता चला कि वह गरीब है।" इतना बोलकर अजय चुप हो गया परन्तु माँ उसकी बात सुनकर दुखी हुई। फिर माँ ने उसे प्यार से समझाया, "देखो बेटा, रोहन- जिसे तुम अपना सबसे अच्छा दोस्त मानते हो, उसने तो न्यौता देने के बाद भी तुम्हारी पार्टी में आने का नहीं सोचा। उस ने केवल नौकर के हाथों एक महँगा सा उपहार भिजवा दिया। दूसरी ओर, सक्षम ने तुम्हारा जन्मदिन याद रखा। यद्यपि तुम ने उस से दोस्ती तोड़ दी, फिर भी तुम्हें जन्मदिन की बधाई और एक खास उपहार देने के लिए वह स्वयं आया। वह चाहता तो पार्टी में आनंद लेने के लिए रुक सकता था परन्तु उस ने ऐसा नहीं किया। शालीनता से यह उपहार देकर वह चला गया क्योंकि वह तुम्हें सच्चे मन से अपना दोस्त मानता है।  बेटा, ऐसे मित्र बहुत विशेष होते हैं और हमें उनका बहुत ध्यान रखना चाहिए और उन से हमेशा मित्रता निभानी चाहिए।” 

     माँ की बात सुन कर अजय समझ गया कि मित्रता किसी की आर्थिक दशा को देखकर नहीं अपितु उसके चरित्र को देख कर करनी चाहिए और किसी उपहार या भाव से देखना चाहिए। अगले दिन वह सक्षम से कक्षा में मिला और उसे गले लगा कर अनमोल उपहार देने के लिए धन्यवाद दिया। वह खुश था कि इस जन्मदिन उसे उपहारों के साथ एक अनोखा और सच्चा  मित्र भी मिला।

    A studious boy in 8th grade named Ajay, was excitedly waiting for his birthday that was coming around the corner. In the evening of his birthday, all the invited guests along with his friends and relatives came to celebrate Ajay's birthday. After the guests wished Ajay goodbye, Ajay's eagerness tempted him to open up the heap of gifts piled up in which he found a small, delicately wrapped package. As Ajay's mom reached out to open the beautiful package, Ajay told his mom to leave it because it seemed to be looking very cheap. However, realizing why Ajay might have thought that, Ajay's mom explained the true importance and meaning of gifts which lies in the heartwarming emotion the giver presents to the person he is giving the gift. After saying that, Ajay's mom found a gorgeous notebook journal and a decorative handwritten birthday in which Saksham wrote how Ajay can write his strengths and weaknesses so he can focus on his goals for a brighter future. Ajay's mom was heartfelt by the lovely message Saksham had written and delivered at their doorstep which she compared to Rohan who did not consider the invitation and just sent a gift box through his maid. Ajay's mom urges Ajay to appreciate his friendship and stay with it.

  • 31 May 2022 4:52 PM | Anonymous

    வேர்டல்: தமிழ்

    ப்ரீத்தி சிவசங்கர் மற்றும் ஸ்ருதி சிவசங்கர் 

    வேர்டல்: இது மொழி சார்ந்த விளையாட்டு. இந்த “வார்த்தை விளையாட்டு” அலை, நம் நாட்டையும் நம் உலகத்தையும் ஆக்கிறமித்துக் கொண்டுள்ளது. இந்த கட்டுரையில்,  வேர்டலை பற்றி நீங்கள் தெரிந்து கொள்ள வேண்டிய அனைத்தையும் நாம் ஆராய்வோம். நாம் ஏன் வேர்டலின் மாயவலைக்குள் சிக்கிக்கொண்டிருக்கிறோம் என்பதைபற்றி படித்து அனுபவியுங்கள்!

    வேர்டல் மிக பிரபலமானதற்க்கு பல காரணங்கள் உள்ளன. வேர்டலை சுலபமாக புரிந்து  விளையாடலாம். உலகளாவிய மக்களுக்கு பிடிக்கும். எளிமையாக பகிர்ந்து கொள்ளலாம். இறுதியாக, வேர்டல் மூளையின் தர்க்கம் மற்றும் மொழி சார்ந்த பகுதிகளை ஊக்குவிக்கின்றது. இதனால் ‘டோபமைன்’ ஹார்மோன் ஊக்குவிப்பு, மகிழ்ச்சியை உண்டாக்குகிறது.

    வெர்டல் மொழி ஆற்றலை முன்னேற்றுகின்றது என்று ஆசிரியர்களும், மொழி  ஆராய்ச்சியாளர்களும் கூறுகின்றனர். மேலும், வேர்டல் மக்களுக்காக புதிய வார்த்தைகளை அறிமுகபடுத்துகின்றது. அதனால் வேர்டல் மொழியின் ஆற்றலை முன்னேற்றுகிறது.

    மக்களுக்கு வேர்டல் மீது மிகுந்த நாட்டம் ஏன்? வேர்டல் மூளையின் தர்க்கம் மற்றும் மொழி சார்ந்த பகுதிகளை ஊக்குவிக்கிறது. நாம் வேர்டலில் வார்த்தையை தினமும் கண்டுபிடித்தவுடன், மூளையில் ‘டோப்பமின்’ என்னும் ரசாயனம் நமக்கு மிக்க மகிழ்ச்சியை ஏற்படுத்துகின்றது. வேர்டல் சூதாட்டம் போல் இல்லை, ஏனென்றால் வார்த்தையை கண்டுபிடிப்பதற்கு பரிசு இல்லை. மற்றும் தினமும் ஒரு முறை தான் விளையாட முடியும்.  வேர்டலை உருவாக்கியவர் கூட, "ஒரு நாளைக்கு மூன்று நிமிடங்களுக்கு மேல் எடுக்காது" என்று கூறுகிறார். அதேசமயம் வேர்டலின் நாட்டத்திற்கு காரணம் 'பற்றாக்குறைக் கோட்பாடு' என்கின்றனர்: பொருட்கள் பற்றாக்குறையாக இருக்கும்போது மக்கள் அதற்க்காக ஏங்குவார்கள்.வேர்டல் எல்லோருக்கும் மிகவும் பிடிக்கின்றது. அது நல்லதா கெட்டதா? நீங்களே முடிவு செய்யுங்கள்!◾️

    Wordle

    Preethi Sivashankar and Shruti Sivashankar

    Wordle: The language-based sensation that’s sweeping the nation and taking the world by storm. In this article we will investigate everything you need to know about Wordle; what it is, its popularity, how it helps you learn a language, similar games, and whether Wordle is addictive. Stick with us to find the answers to all these questions! 

    There are many reasons why Wordle is so popular. It’s easy to understand and play, it appeals to a worldwide audience, and can very easily be shared. Finally, while playing Wordle, the language and logic parts of the brain are activated. This activation releases dopamine, which is a hormone that is associated with happiness.

    People think Wordle is a rewarding way to learn new words. English teachers also agree that Wordle keeps their students excited to learn new words. Experts from Chicago think it can help improve your context understanding by teaching you new words and new ways to find them. In short, Wordle helps you improve your language by keeping people interested in learning vocabulary, and improving your context skills. 

    Is Wordle addictive? Some people say it is addictive because Wordle activates both the language and logic parts of the brain. So, when you get the day’s Wordle correct, you feel happy because of a chemical in your brain. You could say it is not addictive because you can’t play endlessly, and it is not like gambling because there is no money involved. Even the maker of Wordle (Josh Wardle) says it is not meant to take up more than three minutes a day. But with this same logic, Wordle can be addictive because of a theory of Scarcity. The idea is that if something is in limited supply, people want it even more. 

    So whether Wordle is addictive or not is up to you.◾️

  • 31 May 2022 4:50 PM | Anonymous

    प्रकृति

    लीशा गुप्ता 


    प्रकृति हर जगह 

    जहाँ भी तुम जाओ वहाँ वहाँ। 

    इधर-उधर इतने रंग 

    आगे बढ़ो  - पास आओ 

    देखो  कितने अच्छे लगते हैं एक संग। 

    एक दिन जब बारिश हो 

    फूल, पौधे भी खुश हों। 

    ऊपर देखो तो चमकते तारे 

    नीचे देखो तो हमारी धरती माता। 

    प्रकृति हर जगह 

    जहाँ भी तुम जाओ वहाँ वहाँ।

    Nature

    Nature is everywhere

    wherever you go its always there

    colors everywhere you look

    move forward - come closer

    Look at how good they look together

    When it rains one day

    flowers and plants will burst with joy

    When you look up you see sparkling stars

    When you look down you see mother earth

    Nature is everywhere

    Wherever you go its always there

    Leisha Gupta is a freshman at Westborough High School. She graduated from ISW Cultural and Language School last year. She is currently volunteering as a student teacher and works with Hindi K2 students.

    (Photo credit:  https://wallpapersafari.com/nature-wallpaper-hd/ )

ISW Cultural & Language School


School Sample Schedule

Saturdays

10:00 am – 11:30 am

Telugu Classes


Sundays

9:30 am - 11:00 am

Hindi Classes

11:00 am -11:30 am

Joint Assembly with yoga and culture classes for all

11:30 am – 1:00 pm

Marathi, Tamil, Gujarati Classes

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